
छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय यानी IGKV के कीटशास्त्र परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोई छात्र नहीं, बल्कि दुर्ग के एक कृषि कॉलेज का प्रोफेसर निकला है। आरोप है कि प्रोफेसर ने परीक्षा के सीलबंद लिफाफे से छेड़छाड़ कर प्रश्नपत्र की जानकारी हासिल की और इसे आगे छात्रों तक पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि प्रश्नपत्र को करीब 11 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया गया था।

मामले की जांच रायपुर पुलिस की साइबर और क्राइम टीम ने की। पुलिस का दावा है कि करीब 36 घंटे के भीतर पूरे नेटवर्क का पता लगा लिया गया।
जांच के बाद पुलिस ने प्रोफेसर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन समेत कई सामान और कथित तौर पर लेन-देन से जुड़ी रकम भी बरामद की गई है।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पेपर लीक का दायरा कहां तक फैला था और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
IGKV जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि इस मामले की जांच आगे क्या नए खुलासे सामने लाती है।