
छत्तीसगढ़ के करगुट्टा इलाके से आई ये तस्वीरें सिर्फ एक तिरंगा यात्रा की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की तस्वीर दिखाती हैं।

जिस इलाके में कभी नक्सलियों का दबदबा माना जाता था, जहां आम लोगों का पहुंचना भी मुश्किल था, आज वहां तिरंगा लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ताड़पाला से करगुट्टा हिल्स तक करीब 7 किलोमीटर सड़क का निर्माण भी इस बदलाव की बड़ी कड़ी माना जा रहा है।

तिरंगा यात्रा के दौरान ग्रामीण भी करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर पहाड़ी तक पहुंचे। बाइक पर सवार लोगों के हाथों में तिरंगा और चारों तरफ देशभक्ति का माहौल नजर आया।
कहा जाता है कि कभी इन घने जंगलों में नक्सली अपनी गतिविधियों और बड़ी वारदातों की रणनीति तैयार करते थे। झीरम हमले और विधायक भीमा मंडावी की हत्या जैसी बड़ी घटनाओं की साजिश से भी इस इलाके को जोड़ा जाता रहा है।
लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।
जहां कभी पहुंचना चुनौती माना जाता था, वहां आज सड़क बन रही है, लोग पहुंच रहे हैं और पहाड़ी पर तिरंगा लहरा रहा है।
करगुट्टा की ये तिरंगा यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर में बदलते हालात और राज्य की बढ़ती पहुंच का एक बड़ा संकेत है।