
बताया जा रहा है कि लोगों को आसान लोन, कम किस्त, अतिरिक्त कमाई और CIBIL स्कोर सुधारने का लालच दिया जाता था। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराने के नाम पर उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जाता था और सामान आरोपियों के कब्जे में चले जाने के आरोप हैं।

मामले में एक मूक-बधिर युवक मनीष कुमार पांडे ने भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसके नाम पर करीब 44 हजार 600 रुपये का AC फाइनेंस कराया।
शिकायत में शेखर देशमुख, अनुराग देशमुख और ऋषभ शर्मा समेत अन्य लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए संबंधित इलेक्ट्रॉनिक दुकानों और फाइनेंस कंपनियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित लोन फ्रॉड में कितने लोग और संस्थान शामिल हैं।